प्रकृति के कण-कण में अन्तर्निहित जीवन के विविध रूपों में
एक अदम्य जिजीविषा के दर्शन होते हैं। मरना कोई नहीं
चाहता पर म्रत्यु एक ध्रुव सत्य है। मनुष्य प्रकृति की सर्वोत्तम
कृति है, प्रत्यक्षत: जीवन के संरक्षण और संवर्धन का दायित्व भी
उसी का है।
जीवन से 'अर्थ' बहुत पा लिया,
जीवन ज्योतिर्मय हो जाएगा,
साहस कर पूछ सकें,
प्रश्न यदि हम स्वयम से,
जीवन को 'अर्थ' कुछ देने को,
हमने है आज तक क्या किया ?
सह यात्रियों "इस ठांव बांधना नव बन्धु " हम एक-दूसरे से जीवन को कुछ अर्थ देना सीखेंगे।